लम्हों
गुजर गये लम्हे धीरे धीरे
और वे सब यादो में 'बदलते' रहे।
हम तेरे साथ की ख़ुशी में भूल गये
की 'लम्हे' कभी नही होते सदा के लिए
'यादे' ही साथ रहती है अंत तक ।
लम्हों की खुशीयां तो क्षणिक होती है
यादे ही तो है जो उन लम्हों को
बार बार 'जीवन' देती…
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